सतह के नीचे
Thursday, 3 May 2018
Dance
Tiny sailboat sways
On the ocean waves
with a joyful stance,
Reminds me of you, and
Your carefree abandon,
When you dance.
-Pulastya
Prem ka saar
सफ़ेद का सार स्याह में है,
जैसे फ़ूल का पतझड़ में,
या सत्य का असत्य में।
रोटी का सार भूख है,
और जल का प्यास
या फिर मरुभूमि।
प्रकाश रूप में श्वेत का,
रंग रूप में पुष्प का,
शब्द रूप में सत्य का,
पदार्थ रूप में रोटी का,
और द्रव रूप में जल का,
वर्णन उन्हें गौण बना देता है।
तो फिर प्रेम गीतों में
प्रेयसी के नयन क्यूँ?
विछोह ही प्रेम गीतों में
प्रेम का सच्चा आभास है ।
- पुलस्त्य
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