नक्श पैने है उनके, जैसे खंजर की धार
नैयनन काजल रेखा, मानो तेज तलवार
मुड़ - मुड़ यूँ देखना, सधे तीरों का वार
दिल वाले खूब लड़ें, पर होती उनकी हार
कर जिगर चाक मेरा, हुस्नवाले अबकी बार ।
-पुलस्त्य
नैयनन काजल रेखा, मानो तेज तलवार
मुड़ - मुड़ यूँ देखना, सधे तीरों का वार
दिल वाले खूब लड़ें, पर होती उनकी हार
कर जिगर चाक मेरा, हुस्नवाले अबकी बार ।
-पुलस्त्य