तू क्या है ? कुछ भी तो नहीं !
तू घटा नहीं, तू हवा नहीं, तू फ़िज़ा भी नहीं,
ये सब तो मेरे ख़्याल हैं । इस दिल का बुना हुआ वबाल हैं ।
इन आँखों में है तो तू एक ख्वाब है !
जुस्तजु है मेरी साँसों में, तो नाम तेरा गुलाब है,
न लड़खड़ाएं ये कदम मेरे अगर, तो तु कहाँ की शराब है ।
मेरी दीवानगी पे मेरा बसर नहीं !
जवानी के दौर में शायद, सुकून-ऐ-दिल मयसर नहीं,
न उछले रगों में मेरा लहू तो, तू वो शय है जिसमे कोई असर नहीं ।
मेरे जूनून ही से उठी तेरी रानाई है,
मेरी बंदगी के असर ही से क़ायम तेरी खुदाई है
न लूटा एक जरा सी बात पर, फ़क़त मेरा ईश्क़ ही बस तेरी कमाई है ।
-पुलस्त्य
वबाल- Problem
जुस्तजु- Desire
बसर- Control
रानाई- Beauty
बंदगी- Devotion
तू घटा नहीं, तू हवा नहीं, तू फ़िज़ा भी नहीं,
ये सब तो मेरे ख़्याल हैं । इस दिल का बुना हुआ वबाल हैं ।
इन आँखों में है तो तू एक ख्वाब है !
जुस्तजु है मेरी साँसों में, तो नाम तेरा गुलाब है,
न लड़खड़ाएं ये कदम मेरे अगर, तो तु कहाँ की शराब है ।
मेरी दीवानगी पे मेरा बसर नहीं !
जवानी के दौर में शायद, सुकून-ऐ-दिल मयसर नहीं,
न उछले रगों में मेरा लहू तो, तू वो शय है जिसमे कोई असर नहीं ।
मेरे जूनून ही से उठी तेरी रानाई है,
मेरी बंदगी के असर ही से क़ायम तेरी खुदाई है
न लूटा एक जरा सी बात पर, फ़क़त मेरा ईश्क़ ही बस तेरी कमाई है ।
-पुलस्त्य
वबाल- Problem
जुस्तजु- Desire
बसर- Control
रानाई- Beauty
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