फूलों का रंग
हवा की तरंग
मेघो की मस्ती
दिल की उमंग
बनती है तब,
मिलते हैं जब
रूप तेरा, इश्क़ मेरा !
चंदा से शीतल
भंवरे सी चंचल
मधुर बांसुरी सी
बजती है हर पल
होते है जब,
इक दूजे के संग
रूप तेरा, इश्क़ मेरा !
उमंगो की रवानी
दरिया का पानी
कोरे दुपट्टे का
कच्चा रंग धानी
चढ़ते हैं तब,
मिलते हैं जब
रूप तेरा, इश्क़ मेरा !
-पुलस्त्य
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