कल रात जो पी थी दो घूँट तुम्हारी आँखें
अभी उतरी नहीं है.......
पैमाने ले गयी, सूरूर छोड़ गयी हो,
अभी उतरी नहीं है.......
पैमाने ले गयी, सूरूर छोड़ गयी हो,
मैं ड्रेसर पर बैठा हूँ सिर्फ़ तुम्हारा चेहरा ओढ़े
ले जाना कभी आकर........
आइने में तुम अपना अक्स छोड़ गयी हो ?
ले जाना कभी आकर........
आइने में तुम अपना अक्स छोड़ गयी हो ?
-पुलस्तय
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