खुदा ने जब तुझको बनाया होगा
अपना बेहतरीन हिस्सा तुझमे लगाया होगा,
तेरी आँखों में है उसी की नर्मी
तेरा ये हुस्न उसके ही रूप का साया होगा ।
सूरज के सोने से तेरा तन गढ़ा होगा
कुछ रंग गुलाबों का भी उसमे मिलाया होगा,
लचकती इस शाख-ए-बदन को तेरी
महकती पुरवाइयों में होले-होले तपाया होगा ।
घटाओं को बना के तेरे सर का ताज
तेरी मखमल सी नरम जुल्फों में सजाया होगा,
रख तारो जड़ा फलक तेरे माथे पे
पूनम के चाँद को माथे की बिंदिया बनाया होगा ।
एक टक तुझे देख कर
टुकड़ा अपने दिल का तेरी मूरत में बिठाया होगा,
उठ बैठी होगे लेकर अंगड़ाई तू
तो खुदा को मतलब इश्क़ का समझ आया होगा,
होगा अहसान खुदा पर किसी जमीं वाले का
उसकी खातिर तराश तुझे जमीं पे भिजवाया होगा।
-पुलस्त्य
अपना बेहतरीन हिस्सा तुझमे लगाया होगा,
तेरी आँखों में है उसी की नर्मी
तेरा ये हुस्न उसके ही रूप का साया होगा ।
सूरज के सोने से तेरा तन गढ़ा होगा
कुछ रंग गुलाबों का भी उसमे मिलाया होगा,
लचकती इस शाख-ए-बदन को तेरी
महकती पुरवाइयों में होले-होले तपाया होगा ।
घटाओं को बना के तेरे सर का ताज
तेरी मखमल सी नरम जुल्फों में सजाया होगा,
रख तारो जड़ा फलक तेरे माथे पे
पूनम के चाँद को माथे की बिंदिया बनाया होगा ।
एक टक तुझे देख कर
टुकड़ा अपने दिल का तेरी मूरत में बिठाया होगा,
उठ बैठी होगे लेकर अंगड़ाई तू
तो खुदा को मतलब इश्क़ का समझ आया होगा,
होगा अहसान खुदा पर किसी जमीं वाले का
उसकी खातिर तराश तुझे जमीं पे भिजवाया होगा।
-पुलस्त्य
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