Sunday, 22 June 2014

चाँद और आशिक

चंदा और आिशक की तासीर एक है
हर रात यूँ जलना फिर राख हो जाना़ .....
दोनों की तक़दीर एक है ।

दोनो उठाते हैं जुनूँ की तोहमत 
और दाग़ अगर दामन क़े जो देखें तो ..... 
दोनों की तस्वीर एक है ।

ये  आसमानो में है
और उसका भी रुतबा है बहोत 
गौर से अगर देखे 
दोनों क़े पांव में ज़ंजीर एक है

-पुलस्त्य
  

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