हमको खुदा बना दिया,
छीनके हमसे कू-ए-यार
एक आयत
में बसा दिया।
डर से खुलने के राजे दिल,
दिल से निकाल कर
मंदिर
में सजा दिया।
लगे ना ख्वाइशों कि तोहमत
इसलिए तूने,
नूर-ए-ईश्क को
नूर-ए-ईलाही बता दिया।
दिखाये ख्वाब संगमर्मरी,
फिर धड़कते दिल को
हज्र-ए-अस्वद
बना दिया।
जहाँ से सुनाई ना दें
मेरी आहें भी
मुझको इस कदर
ऊँचा उठा दिया।
छुपाने को अपनी तंगदिली
मेरे मेहबूब ने
स्वांग
खुदा का रचा दिया।
-पुलस्त्य
कू-ए-यार - महबूब की गली
आयत -इस्लाम के धार्मिक ग्रन्थ क़ुरान की सबसे छोटी ईकाई (verses)
हज्र-ए-अस्वद-The Black Stone in the eastern corner of the Kaaba, symbolising something which is respected but not loved.
नूर-ए-ईश्क- glow of love
नूर-ए-ईलाही- glow of god
छीनके हमसे कू-ए-यार
एक आयत
में बसा दिया।
डर से खुलने के राजे दिल,
दिल से निकाल कर
मंदिर
में सजा दिया।
लगे ना ख्वाइशों कि तोहमत
इसलिए तूने,
नूर-ए-ईश्क को
नूर-ए-ईलाही बता दिया।
दिखाये ख्वाब संगमर्मरी,
फिर धड़कते दिल को
हज्र-ए-अस्वद
बना दिया।
जहाँ से सुनाई ना दें
मेरी आहें भी
मुझको इस कदर
ऊँचा उठा दिया।
छुपाने को अपनी तंगदिली
मेरे मेहबूब ने
स्वांग
खुदा का रचा दिया।
-पुलस्त्य
कू-ए-यार - महबूब की गली
आयत -इस्लाम के धार्मिक ग्रन्थ क़ुरान की सबसे छोटी ईकाई (verses)
हज्र-ए-अस्वद-The Black Stone in the eastern corner of the Kaaba, symbolising something which is respected but not loved.
नूर-ए-ईश्क- glow of love
नूर-ए-ईलाही- glow of god
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